CGPSC नोट्स | स्वाधीनता सेनानी छत्तीसगढ़ | Chhattisgarh Freedom Fighters
छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों का संक्षिप्त एवं व्यवस्थित विवरण निम्नलिखित है:
1. गुण्डाधुर
- वर्ष 1910 में बस्तर में भूमकाल विद्रोह का नेतृत्व किया।
- विद्रोह के दौरान सबसे पहले बस्तर का पशुबाजार लूटा गया।
- इनका अभियान तांत्या टोपे की तरह तेज एवं गतिशील था—एक स्थान से दूसरे स्थान जाकर लोगों को प्रेरित करते थे।
- इनके नाम पर राज्य में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पुरस्कार दिया जाता है।
2. सुरेंद्र साय
- जन्म: 1809, खिंडा ग्राम, संबलपुर (ओडिशा)
- 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में संबलपुर के साय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका।
- इन्हें प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का अंतिम शहीद माना जाता है।
3. वीर नारायण सिंह
- जन्म: 1795, सोनाखान (बलौदाबाजार)
- जनजाति: बिझवार
- 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया।
- 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर फांसी दी गई।
4. पंडित रविशंकर शुक्ल
- जन्म: 2 अगस्त 1877, सागर (मध्य प्रदेश)
- बाल गंगाधर तिलक के विचारों से प्रभावित।
- असहयोग आंदोलन एवं सविनय अवज्ञा आंदोलन में सक्रिय भूमिका (रायपुर में नेतृत्व)।
- अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री।
- निधन: 31 दिसंबर 1956
5. पंडित सुंदरलाल शर्मा
- जन्म: 21 दिसंबर 1881, गरियाबंद
- उपाधि: “छत्तीसगढ़ का गांधी”
- छत्तीसगढ़ राज्य की प्रथम कल्पना प्रस्तुत की।
- कंडेल नहर सत्याग्रह का नेतृत्व किया।
- गांधी जी से पहले ही अछूत उद्धार कार्यक्रम प्रारंभ किया।
- इनके नाम पर राज्य सरकार द्वारा साहित्य पुरस्कार दिया जाता है।

6. छेदीलाल
- जन्म: 1887, अकलतरा (जांजगीर-चांपा)
- वर्ष 1913 में ब्रिटेन से बैरिस्टर बनकर लौटे (बिलासपुर के प्रथम बैरिस्टर)।
- असहयोग आंदोलन (1920), झंडा सत्याग्रह (नागपुर), एवं सविनय अवज्ञा आंदोलन में सक्रिय योगदान।
- 1946 में संविधान सभा के सदस्य (बिलासपुर से)।
- “कर्मवीर” पत्रिका का संपादन।
- प्रमुख रचना: हॉलैंड के स्वाधीनता का इतिहास
7. ई. राघवेंद्र राव
- जन्म: 4 अगस्त 1889, कामठी (नागपुर)
- छत्तीसगढ़ में असहयोग आंदोलन के प्रमुख नेता।
- 1926 में मुख्यमंत्री (मध्य प्रांत)।
- 1936 में अस्थायी गवर्नर।
- 1941 में वायसराय की कार्यकारिणी के सदस्य बनने वाले छत्तीसगढ़ के एकमात्र व्यक्ति।
- निधन: 15 जून 1942, नई दिल्ली
8. ठाकुर प्यारेलाल सिंह
- जन्म: 21 दिसंबर 1891, दैहान (राजनांदगांव)
- छत्तीसगढ़ में श्रमिक आंदोलन के जनक।
- राजनांदगांव में 36 दिन की सफल हड़ताल कराई।
- असहयोग आंदोलन में सक्रिय भागीदारी।
- छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन के जनक।
- 1945 में भूदान आंदोलन का नेतृत्व।
- रियासतों के विलीनीकरण में सरदार पटेल को सहयोग।
- निधन: 20 अक्टूबर 1954
9. यति यतनलाल
- जन्म: 1894, बीकानेर (शिक्षा: रायपुर)
- 1930 के आंदोलन में प्रचार कार्य।
- उपाधि: छत्तीसगढ़ में अहिंसा के अग्रदूत
- महासमुंद में विवेक वर्धन आश्रम की स्थापना।
- जंगल सत्याग्रह आंदोलन (महासमुंद) में नेतृत्व।
- इनके नाम पर अहिंसा पुरस्कार दिया जाता है।
- निधन: 19 जुलाई 1976
10. खूबचंद बघेल
- जन्म: 19 जुलाई 1900, पथरी ग्राम (रायपुर)
- 1920 नागपुर अधिवेशन में स्वयंसेवक के रूप में कार्य।
- 1939 त्रिपुरी अधिवेशन में स्वयंसेवक कमांडर।
- 1950 में कृषक मजदूर पार्टी में शामिल।
- 1951 में विधानसभा सदस्य निर्वाचित।
- 1965 में राज्यसभा सदस्य।
- निधन: 22 फरवरी 1969
11. ठाकुर रामप्रसाद पोटाई
- जन्म: 1904, करमोती गांव (कांकेर)
- छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका।
- 1942–46 के दौरान गांधीवादी संस्थाओं (राष्ट्रीय वाचनालय, खद्दर प्रचारक क्लब) की स्थापना।
- 1946 में संविधान सभा सदस्य (कांकेर)।
- 1947 में कांकेर स्टेट के अध्यक्ष बने।
- जनजातीय एवं कृषक वर्ग को राष्ट्र सेवा हेतु प्रेरित किया।
- निधन: 1976
12. राधाबाई
- जन्म: नागपुर
- कम आयु में विधवा होने के बाद समाज सेवा में जीवन समर्पित।
- पेशा: दाई (किन्तु रायपुर में “डॉक्टर” के रूप में प्रसिद्ध)।
- सविनय अवज्ञा आंदोलन एवं स्वराज आंदोलन में भाग लिया, गिरफ्तार भी हुईं।
- निधन: 2 जनवरी 1950

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